बॉम्बे से मुंबई: एक ऐतिहासिक सफर

आज जिस शहर को हम मुंबई के नाम से जानते हैं, उसका इतिहास बेहद दिलचस्प और औपनिवेशिक दौर से गहराई से जुड़ा हुआ है। अंग्रेजों के शासन से पहले इस क्षेत्र पर पुर्तगालियों का प्रभाव था। 1534 में पुर्तगालियों ने गुजरात के सुल्तान बहादुर शाह के साथ एक संधि के जरिए इस गहरे प्राकृतिक बंदरगाह को अपने नियंत्रण में ले लिया था।

पुर्तगालियों ने इस स्थान के विशाल और सुरक्षित तट को देखते हुए इसे 'बोम बाहिया' (Bom Bahia) नाम दिया, जिसका अर्थ होता है 'अच्छा बंदरगाह' (Good Bay)। जब यह द्वीप समूह अंग्रेजों के पास आया, तो उन्होंने इसी पुर्तगाली शब्द का उच्चारण बदलकर इसे 'बॉम्बे' (Bombay) कर दिया।

दूसरी ओर, 'मुंबई' नाम का एक समानांतर और प्राचीन सांस्कृतिक इतिहास है। यह नाम स्थानीय कोली समुदाय की कुलदेवी मुंबादेवी के नाम से निकला है। स्थानीय लोग सदियों से इसे इसी नाम से पुकारते आए थे। अपने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से, वर्ष 1995 में सरकार ने आधिकारिक तौर पर शहर का नाम बॉम्बे से बदलकर मुंबई कर दिया।

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