अंडा शाकाहारी क्यों माना जाता है?
अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता है कि अंडा शाकाहारी है या मांसाहारी। वैज्ञानिक और तकनीकी नजरिए से देखें तो बाजार में मिलने वाले अंडे के पीछे एक दिलचस्प सच्चाई छिपी है। अंडे के मुख्य रूप से तीन हिस्से होते हैं: छिलका, सफेदी (एग वाइट) और पीला भाग (जरदी)।
जब हम अंडे की सफेदी की बात करते हैं, तो वह मूल रूप से पानी और प्रोटीन का एक मिश्रण होती है, जिसमें किसी भी जीवित जीव का कोई अंश या कोशिका शामिल नहीं होती है। यही मुख्य कारण है कि कई खाद्य विशेषज्ञ और वैज्ञानिक एग वाइट को तकनीकी रूप से शाकाहारी मानते हैं। जिन भी खाद्य पदार्थों या बेकरी उत्पादों में केवल अंडे की सफेदी का इस्तेमाल किया जाता है, उन्हें शाकाहारी श्रेणी में रखा जा सकता है।
हालांकि, अंडे का पीला हिस्सा (जरदी) और पूरी तरह से निषेचित (fertilized) अंडे मांसाहारी माने जाते हैं क्योंकि उनमें चूजे के विकास की संभावना होती है। इसके बावजूद, व्यावसायिक रूप से मिलने वाले अधिकांश अंडे अनिश्चित (unfertilized) होते हैं, जो मुर्गियों द्वारा बिना नर संपर्क के दिए जाते हैं। इसलिए, खान-पान की संस्कृति और व्यक्तिगत मान्यताओं के आधार पर लोग इसे अलग-अलग तरह से देखते हैं, लेकिन तकनीकी दृष्टि से एग वाइट प्रोटीन का एक शुद्ध स्रोत है।
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