अडानी समूह पर कर्ज की स्थिति: एक नज़र

भारतीय उद्योग जगत में अडानी समूह की कंपनियों के कर्ज और उनके वित्तीय संतुलन को लेकर अक्सर चर्चा होती रहती है। बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, बंदरगाहों और हवाई अड्डों जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर विस्तार के कारण समूह पर देनदारियों का बोझ बढ़ा है।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2022 तक अडानी समूह पर कुल 1.88 लाख करोड़ रुपये का सकल कर्ज (Gross Debt) था। हालांकि, यदि समूह के पास मौजूद नकद राशि और बैंक बैलेंस को ध्यान में रखा जाए, तो उनका शुद्ध ऋण (Net Debt) लगभग 1.61 लाख करोड़ रुपये बैठता है।

बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में भारी शुरुआती निवेश की आवश्यकता होती है, जिसके लिए समूह ने भारतीय और विदेशी बैंकों के अलावा अंतरराष्ट्रीय बांड बाजार से भी फंड जुटाया है। कर्ज के आंकड़ों को लेकर समय-समय पर चिंताएं जताई जाती रही हैं, लेकिन समूह का दावा है कि उसके पास परिसंपत्तियों और राजस्व का मजबूत आधार है, जिससे वे अपनी वित्तीय देनदारियों का प्रबंधन आसानी से कर सकते हैं।

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