अमेरिका का बढ़ता राष्ट्रीय कर्ज: स्थिति और प्रभाव
दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने के बावजूद, अमेरिका पिछले कुछ दशकों से भारी आर्थिक कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है। स्टैटिस्टा (Statista) के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2021 तक अमेरिका पर कुल कर्ज बढ़कर 27.78 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंच गया था। अगर हम इस आंकड़े की तुलना अतीत से करें, तो वर्ष 2000 से 2020 के बीच यह कर्ज लगभग चार गुना हो चुका है।
सन 2000 में अमेरिका का राष्ट्रीय कर्ज केवल 5.6 लाख करोड़ डॉलर था, जो मार्च 2020 तक बढ़कर 23.4 लाख करोड़ डॉलर हो गया। इस लगातार बढ़ते वित्तीय घाटे का सीधा असर वहां की जनता पर भी पड़ा है। अनुमान के मुताबिक, पिछले साल अमेरिका के प्रत्येक नागरिक पर औसतन 72,309 डॉलर का कर्ज था।
किसी भी देश का राष्ट्रीय कर्ज तब बढ़ता है जब सरकार का खर्च उसकी कुल राजस्व कमाई से अधिक हो जाता है। अमेरिका के मामले में आर्थिक मंदी, आपातकालीन राहत पैकेज, रक्षा बजट में बढ़ोतरी और लगातार होते व्यापारिक घाटे ने इस कर्ज को बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई है। यदि यह प्रवृत्ति जारी रहती है, तो इसका असर न केवल अमेरिकी डॉलर की स्थिति पर पड़ेगा, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था भी इससे प्रभावित हो सकती है।
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