शिक्षक दिवस: 5 सितंबर का महत्व
भारत में शिक्षक दिवस प्रतिवर्ष 5 सितंबर को मनाया जाता है। इस दिन की शुरुआत 1962 में नहीं, बल्कि 1975 में हुई, जब भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का निधन हुआ। डॉ. राधाकृष्णन न केवल एक महान विद्वान थे, बल्कि एक प्रेरणादायी शिक्षक भी थे। उनके जन्मदिन को उनके सम्मान में शिक्षक दिवस के रूप में मनाने की घोषणा भारत सरकार ने की थी।
यह दिन सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों में इस दिन छात्र अपने शिक्षकों को सम्मान देते हैं। कई बार छात्र शिक्षकों की जगह लेकर कक्षाएँ लेते हैं, ताकि वे भी एक शिक्षक के रूप में जिम्मेदारी का एहसास कर सकें।
शिक्षक दिवस सिर्फ एक छुट्टी नहीं है, बल्कि उन लोगों के प्रति सम्मान जताने का दिन है, जो बिना किसी स्वार्थ के नए पीढ़ी को ज्ञान और मूल्य देते हैं। डॉ. राधाकृष्णन का मानना
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