मारोठ क्षेत्र के गौड़ क्षत्रिय
मारे गये थे। अर्जुन के एक भाई के पास सवाई माधोपुर के पास बौल परगना था। मारोठ व मोठड़ी के जागीरदार वामन के पौत्र मोटेराव कुचामन के व जालिम सिंह मारोठ के स्वामी बने। इस क्षेत्र में गौड़ों ने अपना प्रभाव बढाया व राज्य विस्तार किया।
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