इंद्र को मिला हजार योनियों का श्राप

देवराज इंद्र स्वर्ग के राजा माने जाते हैं। वे वर्षा, बिजली और प्राकृतिक शक्तियों के देवता हैं, लेकिन आज हम उनकी पूजा नहीं करते। इसके पीछे एक गहरी कथा छिपी है, जो उनके अहंकार और भूल की वजह से आई।

एक बार इंद्र, कामवासना में आच्छादित होकर गौतम ऋषि की पत्नी अहिल्या के पास जाने की कोशिश करते हैं। वे ऋषि के आश्रम में घुसते हैं और अहिल्या को अपनी ओर आकर्षित करने का प्रयास करते हैं। लेकिन गौतम ऋषि की दृष्टि से कुछ भी छिप नहीं सकता। वे तुरंत समझ जाते हैं कि यह सब इंद्र की महान गलती है।

ऋषि क्रोधित हो उठते हैं और इंद्र को श्राप देते हैं – "तुझे हजार योनियों में जन्म लेना पड़ेगा।" यह श्राप इंद्र के अहंकार पर आधारित था। वे अपनी शक्ति और स्थान को लेकर घमंडी हो गए थे।

इस घटना के बाद से इंद्र की पूजा कम होती गई। लोगों ने उनके प्रति आस्था कम कर दी। आज भी कई मंदिरों में इंद्र की मूर्ति नहीं होती। यह कथा न सिर्फ इंद्र की कमजोरी क

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