कश्यप ऋषि और उनकी पत्नियां

महाभारत के अनुसार, महर्षि कश्यप एक महान ऋषि थे और ब्रह्मा के पोत्र माने जाते हैं। उनका नाम प्राचीन ग्रंथों में बार-बार आता है, खासकर जब जीव जगत की उत्पत्ति की बात हो। कश्यप ऋषि की कुल तेरह पत्नियां थीं, जो अपने समय की प्रमुख देवी-स्त्रियां थीं।

इन पत्नियों में से एक प्रमुख नाम है कद्रू। मान्यता है कि सभी नागों की उत्पत्ति कद्रू से हुई। उन्होंने कश्यप के आश्रम में रहकर सैकड़ों अंडे दिए, जिनमें से नागों का जन्म हुआ। इन नागों में अनंत, वासुकि और तक्षक जैसे नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं।

कश्यप की एक अन्य पत्नी थीं विनता। उनसे गरुड़ और अरुण जैसे महान संतानों का जन्म हुआ। गरुड़ तो खुद भगवान विष्णु के वाहन बने। इस तरह कश्यप ऋषि की संतानें और उनके परिवार ने पुराणों की कथाओं में महत्वपूर्ण स्थान बनाया।

कश्यप की पत्नियां केवल नाम नहीं थीं, बल्कि जीवन के विभिन्न रूपों की जननी मानी जाती हैं। इसलिए उन

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