काला पानी कैसे बनता है?
जब बाढ़ के बाद पानी एक जगह ठहर जाता है, तो धीरे-धीरे उसमें जलकुम्भी जैसी जलीय घास उगने लगती है। सूखने के बाद यह जलकुम्भी सड़ने लगती है और पानी में मिलकर गंदगी, हानिकारक बैक्टीरिया और तेलमय पदार्थ बना देती है।
ऐसे पानी को आम तौर पर "काला पानी" कहा जाता है। यह नाम उसके रंग से नहीं, बल्कि उसके प्रभाव से पड़ा है। यह पानी न सिर्फ दुर्गन्ध फैलाता है, बल्कि मच्छरों के प्रजनन का घर भी बन जाता है।
दिलचस्प बात यह है कि यही इलाका कभी पीने योग्य पानी से भरा हुआ था। लेकिन लगभग 10 साल पहले से इस क्षेत्र में प्राकृतिक संतुलन बिगड़ने लगा। कचरा, रासायनिक निकास और वनस्पति के सड़ने के कारण पानी की गुणवत्ता इतनी खराब हो गई कि अब यहाँ का पानी सिर्फ रंग ही नहीं, बल्कि जीवन के लिए भी खतरनाक बन चुका है।
हवाई जहाज से देखने पर तो यह पूरा इलाका हरा-भरा और सुंदर लगता है, लेकिन जमीन पर आकर देखने पर पता चलता है कि यहाँ का पानी <
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