कुरान शब्द अरबी भाषा के 'क़रअ' (Qara'a) धातु से बना है, जिसका शाब्दिक अर्थ होता है पढ़ना या उच्चारण करना। इस प्रकार कुरान का सीधा अर्थ है—'वह जिसे पढ़ा जाए' या 'पढ़ा जाने वाला ग्रंथ'।
इस्लाम धर्म की यह पवित्र पुस्तक पैगंबर हज़रत मुहम्मद साहब पर फरिश्ते जिब्राइल (गेब्रियल) के जरिए अल्लाह के द्वारा अवतरित (प्रकट) की गई थी। इसमें कुल 114 अध्याय हैं, जिन्हें 'सूरह' कहा जाता है, और इसके वाक्यों या श्लोकों को 'आयत' कहा जाता है। इसे मुसलमानों के लिए जीवन का मार्गदर्शन और अंतिम डिवाइन (दिव्य) संदेश माना जाता है।
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