क्या भारत एक तकनीक संचालित राष्ट्र बन रहा है?

आज के दौर में जब दुनिया तेजी से डिजिटल हो रही है, तब यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या भारत एक प्रौद्योगिकी देश है? इसका जवाब हाल के आंकड़ों और जमीनी हकीकत में साफ नजर आता है। भारत ने न केवल सूचना प्रौद्योगिकी (IT) के क्षेत्र में अपनी धाक जमाई है, बल्कि अब यह उभरती हुई नई तकनीकों में भी दुनिया का नेतृत्व कर रहा है।

द ब्रूकिंग्स इंस्टीट्यूशन के एक अध्ययन के अनुसार, भारत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) में तकनीकी प्रगति और फंडिंग के मामले में दुनिया के शीर्ष 10 देशों में शामिल है। यह उपलब्धि यह दर्शाती है कि देश में नवाचार और तकनीक को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश हो रहा है। आज भारतीय स्टार्टअप्स और शोधकर्ता एआई, डेटा साइंस और ऑटोमेशन जैसे क्षेत्रों में विश्वस्तरीय काम कर रहे हैं।

केवल एआई ही नहीं, बल्कि यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) जैसी डिजिटल प्रणालियों ने आम नागरिकों के जीवन को पूरी तरह बदल दिया है। आज गांव हो या शहर, छोटे दुकानदार से लेकर बड़े मॉल तक, डिजिटल लेनदेन बहुत सहजता से हो रहा है। भारत का डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर आज दुनिया के कई विकसित देशों के लिए भी एक मिसाल बन चुका है।

इसके अलावा, अंतरिक्ष अनुसंधान में इसरो (ISRO) की सफलताएं और देश में तेजी से फैलता 5G नेटवर्क इस बात का सबूत हैं कि भारत तकनीक को सिर्फ अपना नहीं रहा, बल्कि इसमें नए आयाम भी जोड़ रहा है। युवाओं की बड़ी आबादी और उनकी तकनीकी समझ देश को एक मजबूत टेक-पावरहाउस बनाने में अहम भूमिका निभा रही है।

यह भी देखें

विस्तृत लेख

संबंधित विषय