कुरान से पहले कौन सी पवित्र किताबें आई थीं?

इस्लाम धर्म में ईश्वर (अल्लाह) की ओर से इंसानों के मार्गदर्शन के लिए समय-समय पर पवित्र ग्रंथ भेजे जाने की बात कही गई है। इन्हें आसमानी किताबें या दिव्य ग्रंथ कहा जाता है। मुसलमान इस बात पर विश्वास रखते हैं कि कुरान से पहले भी दुनिया में कई महत्वपूर्ण संदेशवाहक आए और उन पर ईश्वर का पैगाम नाजिल हुआ।

कुरान में प्रमुख रूप से चार प्रमुख आसमानी किताबों का उल्लेख मिलता है। ये पवित्र ग्रंथ मानव इतिहास के अलग-अलग दौर में अलग-अलग पैगंबरों (संदेशवाहकों) को दिए गए थे:

1. तौरात: यह पवित्र किताब हज़रत मूसा (अ०) पर प्रकट हुई थी। इसमें ईश्वर के आदेश और नैतिक नियम शामिल थे, जिन्होंने उस समय के लोगों का सही रास्ता दिखाया।

2. ज़बूर: यह दिव्य ग्रंथ हज़रत दाऊद (अ०) को दिया गया था। इस किताब में ईश्वर की प्रार्थनाएं, स्तुति और सुंदर गीत शामिल हैं, जो दिल को शांति देने का काम करते हैं।

3. इंजील: यह संदेश हज़रत ईसा मसीह (अ०) पर नाजिल हुआ था। इसमें प्रेम, दया, क्षमा और ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण का संदेश दिया गया है।

4. कुरआन: इसे इस्लाम में अंतिम आसमानी किताब माना जाता है, जो अंतिम पैगंबर हज़रत मोहम्मद (स०) पर इंसानियत के मार्गदर्शन के लिए प्रकट हुई।

इस्लामी मान्यताओं के अनुसार, इन सभी किताबों का मूल संदेश एक ही था—एक ईश्वर की इबादत करना और सच्चाई व भलाई के रास्ते पर चलना। कुरान से पहले आईं ये सभी किताबें अपने-अपने दौर में दुनिया के लिए रोशनी और मार्गदर्शन का जरिया बनीं।

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