न्यायालय की भाषा क्या है?

भारत के संविधान के अनुच्छेद 348(1) के तहत, सुप्रीम कोर्ट और सभी उच्च न्यायालयों की कार्यवाही अंग्रेजी भाषा में होती है। इसका मतलब यह है कि जब तक संसद किसी दूसरे प्रावधान को न लागू करे, तब तक सभी आधिकारिक कागजात, फैसले और दलीलें अंग्रेजी में ही दर्ज की जाएंगी।

यह व्यवस्था संविधान के समय से चली आ रही है। इसका मुख्य कारण था कि देश के विभिन्न राज्यों में अलग-अलग भाषाएं बोली जाती हैं, और अंग्रेजी एक सामान्य माध्यम के रूप में काम करती है। इससे भाषाई भिन्नता के बावजूद न्याय प्रणाली में एकरूपता बनी रहती है

हालांकि, कई लोगों का मानना है कि अदालतों में अंग्रेजी के इस्तेमाल से आम जनता को न्याय प्रक्रिया समझने में दिक्कत होती है। कुछ राज्यों में निचली अदालतों में स्थानीय भाषाओं का भी इस्तेमाल होता है, लेकिन उच्च न्यायालय और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचने वाले मामले अभी भी अंग्रेजी में ही चलते हैं।

संविधान ने संसद को यह अधिकार दिय

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