चीन का कृत्रिम सूरज: ऊर्जा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक क्रांति

दुनिया भर में स्वच्छ और असीमित ऊर्जा की खोज के बीच चीन ने विज्ञान की दुनिया में एक अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है। चीन के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा कृत्रिम सूरज (Artificial Sun) तैयार किया है, जो असली सूरज की तुलना में कई गुना अधिक तापमान उत्पन्न कर सकता है। इस उपकरण का वास्तविक नाम EAST (एक्सपेरिमेंटल एडवांस्ड सुपरकंडक्टिंग टोकामैक) है, जो हेफेई में स्थित एक अत्याधुनिक न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्टर है।

इस न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्टर ने एक नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित करते हुए इतिहास रचा। प्रयोग के दौरान इस रिएक्टर से लगातार 1,056 सेकंड (लगभग 17 मिनट) तक 7 करोड़ डिग्री सेल्सियस ऊर्जा का उत्सर्जन हुआ। यह तापमान असली सूरज के कोर (केंद्र) से भी कई गुना अधिक गर्म है।

वैज्ञानिकों का मुख्य उद्देश्य परमाणु संलयन (Nuclear Fusion) की उस प्राकृतिक प्रक्रिया को धरती पर दोहराना है, जिसके जरिए सूरज और तारे ऊर्जा पैदा करते हैं। पारंपरिक परमाणु विखंडन के विपरीत, न्यूक्लियर फ्यूजन से न तो खतरनाक रेडियोधर्मी कचरा पैदा होता है और न ही पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने वाली गैसें निकलती हैं। यदि यह तकनीक पूरी तरह से व्यावहारिक रूप ले लेती है, तो मानव सभ्यता को भविष्य में प्रदूषण मुक्त और कभी न खत्म होने वाली सस्ती ऊर्जा मिल सकेगी।

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