क्या पाकिस्तान में हिंदी बोली जाती है?
आमतौर पर जब हम पाकिस्तान की भाषाओं की बात करते हैं, तो दिमाग में उर्दू, पंजाबी, सिंधी या पश्तो जैसी भाषाएं आती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पड़ोसी देश पाकिस्तान में हिंदी भी बोली और समझी जाती है? जी हां, यह बिल्कुल सच है। हालांकि वहां हिंदी बोलने वालों की संख्या बहुत सीमित है, लेकिन इसका अस्तित्व वहां जरूर है।
पाकिस्तान में मुख्य रूप से वहां रहने वाले छोटे भारतीय समुदाय (Indian community) के बीच हिंदी का उपयोग किया जाता है। इसके अलावा, इस्लामाबाद में स्थित भारतीय उच्चायोग (Indian High Commission) एक समय पर एक हिंदी स्कूल भी संचालित करता था। इस स्कूल का मुख्य उद्देश्य वहां रह रहे प्रवासी भारतीयों (expatriates) के बच्चों को उनकी मातृभाषा से जोड़े रखना और उन्हें हिंदी की शिक्षा देना था।
भौगोलिक और सांस्कृतिक रूप से देखा जाए तो उर्दू और हिंदी दोनों की जड़ें एक ही हैं। बोलचाल के स्तर पर दोनों भाषाओं में काफी समानताएं हैं, जिसे हम अक्सर 'हिंदुस्तानी' कहते हैं। इसी वजह से भारतीय फिल्मों, गानों और सोशल मीडिया के माध्यम से भी पाकिस्तान के आम लोग हिंदी को बेहद आसानी से समझ लेते हैं। भले ही आधिकारिक या बड़े पैमाने पर इसका चलन न हो, लेकिन दोनों देशों के बीच भाषा का यह एक अदृश्य और मजबूत धागा है।
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