जोधपुर के संस्थापक: राव जोधा

जोधपुर, जिसे 'नीला शहर' के नाम से जाना जाता है, की स्थापना वर्ष 1459 में राव जोधा ने की थी। वे मारवाड़ के प्रथम राजा और राठौड़ गौत्र के १५वें मुखिया थे। राव जोधा न केवल एक वीर योद्धा थे, बल्कि एक दूरदृष्टि वाले शासक भी थे। उन्होंने जोधपुर की स्थापना एक रणनीतिक स्थान पर की, जिससे राज्य की सुरक्षा और प्रगति दोनों सुनिश्चित हो सके।

जोधपुर का नाम ही राव जोधा के नाम पर पड़ा।

उनके शासनकाल में मेहरानगढ़ किले का निर्माण शुरू हुआ, जो आज भी शहर की गरिमा को दर्शाता है। कहा जाता है कि शहर बसाने से पहले एक संत ने भविष्यवाणी की थी कि यहां एक महान राज्य की स्थापना होगी। राव जोधा ने इस भूमि पर नियंत्रण करके मारवाड़ में अपना प्रभुत्व स्थापित किया।

उनके बाद जोधपुर के राजवंश ने लगभग 500 वर्षों तक शासन किय (1459 से 1947 तक)। 1947 में भारत के स्वतंत्र होने के बाद, अंतिम राजा उम्मेद सिंह ने राज्य को भारत में विलय कर दिया।

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