क्या रूस अभी भी भारत का पक्का दोस्त है?

समय के साथ दुनिया की राजनीति बदलती रहती है, लेकिन कुछ दोस्तियां वक्त की कसौटी पर हमेशा खरी उतरती हैं। भारत और रूस का रिश्ता भी कुछ ऐसा ही है। जब 1991 में सोवियत संघ (USSR) का विघटन हुआ, तब रूस ने भारत के साथ अपने पुराने और बेहद करीबी संबंधों को पूरी जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ाया। यही वजह है कि आज भी दोनों देशों के बीच एक अटूट और विशेष संबंध देखने को मिलता है।

आधिकारिक तौर पर दोनों देश अपने इस गहरे रिश्ते को "विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी" (Special and Privileged Strategic Partnership) कहते हैं। यह कोई आम समझौता नहीं है, बल्कि दशकों पुराने भरोसे की नींव पर टिका है। चाहे वह रक्षा (Defense) का क्षेत्र हो, अंतरिक्ष अनुसंधान हो या फिर ऊर्जा संकट, रूस ने कई मौकों पर भारत का साथ दिया है, और भारत ने भी इस दोस्ती को पूरी शिद्दत से निभाया है।

हालांकि, आज की बदलती वैश्विक परिस्थितियों में दोनों देशों के सामने नए समीकरण और चुनौतियाँ भी आ रही हैं। लेकिन इसके बावजूद, कूटनीतिक और ऐतिहासिक नजरिए से देखा जाए तो रूस और भारत की दोस्ती आज भी बेहद मजबूत और प्रासंगिक बनी हुई है।

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