क्या रूस भारत को गेहूं निर्यात करता है?

सामान्य तौर पर, भारत रूस से सीधे गेहूं का बड़ा आयात नहीं करता है। भारत दुनिया में गेहूं का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है और अपनी घरेलू खाद्यान्न जरूरतों को पूरा करने के लिए मुख्य रूप से अपने स्वयं के उत्पादन पर ही निर्भर रहता है।

हालांकि, जब देश में मौसम की मार या कम पैदावार के कारण घरेलू बाजार में कीमतें बढ़ती हैं, तब भारत सरकार रूस से रियायती दरों पर गेहूं आयात करने के विकल्पों पर विचार करती है। इसके अलावा, भारत रूस से गेहूं के बाय-प्रोडक्ट्स जैसे 'गेहूं ग्लूटेन' (Wheat Gluten) का नियमित आयात करता है, जिसका बड़े पैमाने पर उपयोग बेकिंग और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में किया जाता है।

संक्षेप में कहें तो, सामान्य परिस्थितियों में भारत गेहूं के मामले में आत्मनिर्भर है, लेकिन विशेष परिस्थितियों और औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने के लिए दोनों देशों के बीच कृषि क्षेत्र में व्यापारिक विकल्प हमेशा खुले रहते हैं।

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