गरुड़ के अन्य नाम: पौराणिक महत्व और अर्थ

गरुड़, जिन्हें भगवान विष्णु का वाहन माना जाता है, को शास्त्रों और पुराणों में कई नामों से संबोधित किया गया है। ये नाम उनके गुणों, उत्पत्ति और दिव्य कार्यों को दर्शाते हैं।

गरुड़ को वैनतेय कहा जाता है, क्योंकि वे विनता के पुत्र हैं। तार्क्ष्य नाम उनके पूर्वज तार्क्ष्य ऋषि से जुड़ा है। गरुत्मत् और सुपर्ण जैसे नाम उनकी विशाल और चमकीली पंखों वाली आकृति को दर्शाते हैं।

नागान्तक और पन्नगाशन नाम उनके सर्पों के शत्रु होने के कारण प्रसिद्ध हैं। पुराणों के अनुसार, गरुड़ ने अमृत की खोज में स्वर्ग तक जाकर देवताओं से टकराव किया था, जिससे उनकी वीरता की महिमा और भी बढ़ गई।

वह खगेश्वर, यानी पक्षियों के राजा के रूप में भी पूजे जाते हैं। विष्णुरथ नाम उनके भगवान विष्णु के रथ या वाहन होने के कारण है।

इन नामों के पीछे न केवल धार्मिक महत्व है, ब

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