गर्भावस्था में बैठने का सही तरीका: माँ और शिशु की सेहत के लिए जरूरी

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह के शारीरिक बदलाव होते हैं। ऐसे में उठने, बैठने और सोने की सही मुद्रा (पोस्चर) का ध्यान रखना बेहद जरूरी हो जाता है। गलत तरीके से बैठने से पीठ दर्द, कमर दर्द और मांसपेशियों में खिंचाव जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसलिए, गर्भवती महिला को बैठने के सही तरीके की जानकारी होना आवश्यक है।

सही अवस्था और रीढ़ की हड्डी का संरेखण: गर्भवती महिला को बैठते समय हमेशा अपनी पीठ को एकदम सीधा रखना चाहिए। यदि सीधे बैठने में असुविधा हो, तो थोड़ा सा पीछे की तरफ झुकाव देकर बैठने की मुद्रा भी अच्छी मानी जाती है। बैठते समय कंधों को पीछे की ओर और सीधा रखें। आपके स्तन एकदम सामने या हल्के से ऊपर की तरफ होने चाहिए, वे आपके पेट से लगे हुए नहीं होने चाहिए ताकि सांस लेने में कोई तकलीफ न हो।

पेट और पैरों की स्थिति: जैसे-जैसे गर्भ में शिशु का आकार बढ़ता है, पेट पर दबाव भी बढ़ता है। बैठने की स्थिति ऐसी होनी चाहिए जिससे बढ़े हुए पेट को पर्याप्त जगह मिल सके। इसके लिए बैठते समय अपनी टांगों को एक-दूसरे से जोड़कर न रखें, बल्कि उनके बीच थोड़ा फासला बनाकर रखें। पैरों को आपस में क्रॉस करके (पालथी मारकर या एक पैर पर दूसरा पैर रखकर) लंबे समय तक बैठने से बचें, क्योंकि इससे पैरों में रक्त परिसंचरण (ब्लड सर्कुलेशन) प्रभावित हो सकता है।

अतिरिक्त आराम के लिए उपाय: लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठने से बचें। यदि आप कुर्सी पर बैठती हैं, तो पीठ के निचले हिस्से को सहारा देने के लिए एक छोटे तकिए या कुशन का उपयोग कर सकती हैं। साथ ही, पैरों को जमीन पर सीधा रखें या किसी छोटे स्टूल का सहारा लें।

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