गाजर: जड़ या कंद? जानिए इस पौष्टिक सब्जी का सच

रसोई में रोजाना इस्तेमाल होने वाली सब्जियों के बारे में हम अक्सर कई तरह की बातें सुनते हैं। आलू, गाजर और चुकंदर जैसी सब्जियों को लेकर अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता है कि ये वास्तव में पौधे का कौन सा हिस्सा हैं। विशेष रूप से गाजर को लेकर लोग अक्सर भ्रमित रहते हैं कि यह एक जड़ है या फिर कंद।

वनस्पति विज्ञान और कृषि वर्गीकरण के अनुसार, गाजर पूरी तरह से एक जड़ (Root) है। यह पौधे की मुख्य जड़ होती है, जिसे मुसला जड़ या 'टैपरूट' कहा जाता है। पौधा प्रकाश संश्लेषण के जरिए जो भोजन बनाता है, उसे इस जड़ में जमा करता है। इसी वजह से यह मोटी, रसीली और खाने योग्य बन जाती है। गाजर के साथ-साथ चुकंदर और मूली भी जड़ वाली फसलों की श्रेणी में ही आती हैं।

दूसरी ओर, कंद (Tubers) भूमिगत तने का रूपांतरित रूप होते हैं। इनका मुख्य काम पौधे के लिए ऊर्जा और पोषक तत्वों को संचित करना होता है। आलू और शकरकंद कंद फसलों के सबसे बेहतरीन उदाहरण हैं। कंद में आंखें या गांठें होती हैं, जिनसे नए पौधे उग सकते हैं, जबकि गाजर जैसी जड़ों में ऐसा नहीं होता।

संक्षेप में कहें तो, गाजर एक जड़ वाली फसल है, कंद नहीं। यह न केवल स्वाद में बेहतरीन होती है बल्कि विटामिन A और फाइबर से भरपूर होकर हमारी सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद मानी जाती है।

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