राष्ट्रगान के गायन की समय-सीमा और नियम

भारत का राष्ट्रगान 'जन गण मन' देश की राष्ट्रीय अस्मिता और गौरव का प्रतीक है। इसे मूल रूप से गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा रचा गया था। २४ जनवरी १९५० को संविधान सभा ने इसे भारत के राष्ट्रगान के रूप में आधिकारिक रूप से अपनाया था। किसी भी राष्ट्रीय पर्व या औपचारिक कार्यक्रम में इसका गायन अत्यंत सम्मान और गरिमा के साथ किया जाता है।

सामान्यतः राष्ट्रगान को पूरा गाने में लगभग ५२ सेकंड का समय लगता है। इसके पूर्ण गायन के दौरान इसकी निर्धारित धुन और लय का सही पालन करना आवश्यक होता है। राष्ट्रगान के प्रति आदर प्रकट करने के लिए इसके बजते ही सभी को सावधान की मुद्रा में खड़े होने का नियम है।

कुछ विशेष या संक्षिप्त अवसरों के लिए राष्ट्रगान का एक छोटा रूप भी निर्धारित है। इस संक्षिप्त संस्करण में केवल राष्ट्रगान की पहली और अंतिम पंक्तियाँ ही गाई जाती हैं। इसे पूरा करने में लगभग २० सेकंड का समय लगता है। रूप चाहे पूर्ण हो या संक्षिप्त, यह हर भारतीय में देशभक्ति और एक जुटता की भावना भर देता है।

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