गेहूं निर्यात पर रोक: किसानों में नाराजगी
29 मई 2022 को भारत सरकार ने गेहूं के निर्यात पर अचानक रोक लगा दी। इसका मुख्य कारण घरेलू बाजार में गेहूं की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करना था। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में आ रही अस्थिरता और आंतरिक महंगाई को देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया।
निर्यात पर रोक के बाद मंडियों में गेहूं की कीमतों में गिरावट आई। जहां एक ओर सरकार का उद्देश्य आम आदमी के लिए गेहूं सस्ता बनाए रखना था, वहीं दूसरी ओर इस फैसले से किसानों को झटका लगा। कई राज्यों में किसान संगठनों ने इस निर्णय के खिलाफ आवाज उठाई।
किसानों का कहना है कि वे उच्च निर्यात मूल्य के कारण अपनी फसल बेचने के लिए उत्साहित थे। लेकिन निर्यात पर रोक लगने के बाद स्थानीय मंडियों में भाव गिर गए, जिससे उनकी आय प्रभावित हुई। कई किसानों ने शिकायत की कि उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से भी कम दाम मिला।
हालांकि, सरकार का तर्क है कि यह कदम ख
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