चीन और भारत: जीवन प्रत्याशा में बड़ा अंतर

किसी भी देश की प्रगति और वहां की स्वास्थ्य व्यवस्था का सबसे बड़ा पैमाना वहां के लोगों की औसत जीवन प्रत्याशा (Life Expectancy) होती है। हाल के आंकड़ों से पता चलता है कि चीन ने स्वास्थ्य सेवाओं और जीवन स्तर में सुधार करके अपने नागरिकों की उम्र बढ़ाने में बड़ी सफलता हासिल की है।

ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, चीन में लोगों की औसत उम्र बढ़कर 77.9 वर्ष हो गई है। इसका मुख्य कारण वहां का बेहतर मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर, संतुलित खान-पान और स्वच्छता पर दिया जाने वाला विशेष ध्यान है। चीन ने बीते कुछ दशकों में अपनी स्वास्थ्य सुविधाओं को आधुनिक बनाया है, जिसका सीधा फायदा वहां के आम नागरिकों को मिला है।

इसके विपरीत, यदि भारत की बात करें तो आंकड़े बताते हैं कि यहां लोगों की औसत उम्र 69.7 वर्ष है। हालांकि भारत में भी पिछले कुछ सालों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हुआ है और शिशु मृत्यु दर में कमी आई है, लेकिन प्रदूषण, असंतुलित जीवनशैली और ग्रामीण इलाकों में गुणवत्तापूर्ण इलाज की कमी जैसी चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं।

चीन और भारत के बीच का यह लगभग 8 साल का अंतर यह दर्शाता है कि भारत को अभी अपनी स्वास्थ्य प्रणाली और जन-सुविधाओं को और अधिक मजबूत करने की जरूरत है, ताकि यहां के लोग भी लंबा और स्वस्थ जीवन जी सकें।

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