चीन का इतिहास: क्या चीन कभी किसी का गुलाम रहा?

जब हम दुनिया के इतिहास को देखते हैं, तो कई देश पूरी तरह से विदेशी ताकतों के अधीन रहे। लेकिन चीन का इतिहास थोड़ा अलग है। चीन कभी भी पूर्ण रूप से किसी एक देश का गुलाम नहीं रहा। हालांकि, 19वीं सदी में पश्चिमी शक्तियों, विशेषकर ब्रिटेन, ने इस पर अपना गहरा प्रभाव जमा लिया था।

वर्ष 1840 के आसपास प्रथम अफीम युद्ध के बाद, ब्रिटेन ने चीन को एक अर्ध-उपनिवेश (Semi-colony) के रूप में प्रभावित करना शुरू किया। इस दौर में ब्रिटेन और अन्य यूरोपीय देशों ने चीन के साथ असमान संधियों पर हस्ताक्षर करवाए और उसके प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया। हालांकि चीन का अपना प्रशासन बना रहा, लेकिन उसकी संप्रभुता काफी हद तक कमजोर हो चुकी थी।

यह स्थिति 20वीं सदी की शुरुआत तक बनी रही। वर्ष 1911 में एक ऐतिहासिक परिवर्तन हुआ, जब डॉ. सन यात-सेन के नेतृत्व में एक महान क्रांति हुई। इस क्रांति ने चीन के अंतिम राजवंश, छिंग राजवंश, का तख्ता पलट दिया। इसके साथ ही सदियों पुरानी राजशाही का अंत हुआ और चीन में गणराज्य की स्थापना हुई। इस क्रांति ने आधुनिक चीन के निर्माण की नींव रखी।

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