चीन भारत का दोस्त है या दुश्मन?

चीन और भारत के संबंध सदियों पुराने हैं, लेकिन आज ये संबंध उतने ही जटिल हैं जितने गहरे। 2008 के बाद से चीन भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन गया है। हजारों करोड़ रुपये के इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी और रसायन भारत में आते हैं, जबकि भारत चीन को कच्चे माल, कॉफी और दवाओं की आपूर्ति करता है।

इस आर्थिक निर्भरता के बावजूद, रिश्ते में तनाव भी है। 2013 के बाद से लद्दाख सीमा क्षेत्र में टकराव बार-बार हो चुके हैं। गलवान घाटी में 2020 की झड़प ने दोनों तरफ गहरी चोट छोड़ी। सैन्य तनाव तो थमा, लेकिन भरोसा पूरी तरह नहीं बहाल हुआ।

साथ काम करने की जरूरत है — जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद जैसे मुद्दों पर। दक्षिण एशिया में शांति के लिए दोनों देशों के सहयोग की गुंजाइश है। लेकिन जब तक सीमा बहस बनी रहेगी, दोस्ती और दुश्मनी के बीच का रेखाचित्र साफ नहीं होगा।

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