टाटा समूह और रतन टाटा की संपत्ति का सच
टाटा साम्राज्य की अपार संपत्ति और रतन टाटा की व्यक्तिगत संपत्ति को लेकर अक्सर लोगों के मन में उत्सुकता रहती है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रतन टाटा की निजी संपत्ति लगभग 1 बिलियन डॉलर (करीब 8,000 करोड़ रुपये) के आसपास आंकी गई थी। हालांकि, दुनिया के सबसे बड़े व्यापारिक घरानों में से एक का नेतृत्व करने के बावजूद वे कभी दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में शीर्ष पर नहीं दिखे।
इसकी सबसे बड़ी वजह टाटा समूह का अनोखा बिजनेस मॉडल और उनकी दानशीलता है। टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी 'टाटा संस' का लगभग 66% हिस्सा टाटा ट्रस्ट्स के पास है। इसका सीधा मतलब यह है कि समूह की कंपनियों से होने वाली कमाई का एक बड़ा हिस्सा किसी व्यक्ति विशेष की जेब में जाने के बजाय सीधे समाज सेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास के कार्यों में चला जाता है।
यदि टाटा समूह की कुल बाज़ार संपत्ति (Market Capitalization) की बात करें तो वह लाखों करोड़ रुपये से भी अधिक है। रतन टाटा का मानना था कि व्यापार का मुख्य उद्देश्य केवल लाभ कमाना नहीं, बल्कि समाज के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है। यही कारण है कि धन से ज्यादा वे लोगों के दिलों पर राज करने वाले उद्योगपति के रूप में याद किए जाते हैं।
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