TISCO और भारतीय कंपनी अधिनियम: एक नजर
भारत के औद्योगिक इतिहास में टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी (TISCO) का स्थान बेहद महत्वपूर्ण रहा है। जब भी भारत में बड़े उद्योगों और उनके कानूनी नियमों की बात होती है, तो TISCO का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। हाल ही में इस बात को लेकर चर्चा हुई कि इस कंपनी पर कौन सा अधिनियम लागू होता है और कौन सा नहीं।
दरअसल, TISCO की स्थापना भारतीय कंपनी अधिनियम के तहत एक संगठित निकाय के रूप में की गई थी। बाद में इसमें समय-समय पर देश के कॉर्पोरेट नियमों के अनुसार बदलाव भी हुए। जब बात आती है कि TISCO में कौन सा अधिनियम नहीं चलता, तो यह समझना जरूरी है कि कोई भी पंजीकृत सार्वजनिक या निजी कंपनी मुख्य रूप से भारतीय कंपनी अधिनियम (Indian Companies Act) के प्रावधानों से ही संचालित होती है।
यदि कोई नियम या अधिनियम इस मूल कंपनी कानून के विपरीत हो या किसी गैर-पंजीकृत संस्था के लिए बनाया गया हो, तो वह TISCO जैसे संगठित संस्थान पर लागू नहीं होता। TISCO हमेशा से देश के श्रम कानूनों, औद्योगिक विवाद अधिनियमों और कॉर्पोरेट गवर्नेंस के कड़े मानकों का पालन करती आई है। इसलिए, जो कानून केवल असंगठित क्षेत्रों या गैर-निगमित निकायों के लिए बने हैं, वे TISCO के कार्यक्षेत्र में शामिल नहीं होते हैं।
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