तकिए के नीचे मोबाइल रखना सच में खतरनाक है?
कई लोग सोते समय अपना मोबाइल फोन तकिए के नीचे रख लेते हैं — शायद अलार्म के लिए या सुविधा के लिए। लेकिन एक चलती हुई अफवाह यह भी है कि ऐसा करने से दिमाग की कोशिकाओं को नुकसान होता है। लेकिन यह सच नहीं है।
वैज्ञानिक तौर पर, मोबाइल फोन को तकिए के नीचे रखने से दिमाग की कोशिकाओं में नुकसान होने का कोई प्रमाण नहीं है। मोबाइल फोन रेडियो तरंगें उत्सर्जित करते हैं, लेकिन इनका स्तर इतना कम होता है कि यह मानव शरीर के लिए हानिकारक नहीं माना जाता। दुनिया भर के शोधों में भी यह साबित नहीं हुआ है कि फोन के कारण ब्रेन सेल्स डैमेज होते हैं।
हालांकि, फोन को तकिए के नीचे रखना तकनीकी या सुरक्षा कारणों से ठीक नहीं माना जाता। फोन गर्म हो सकता है, खासकर चार्ज होते समय, जिससे आग लगने का खतरा हो सकता है। साथ ही, यह नींद में बार-बार जागने का कारण भी बन सकता है — नोटिफिकेशन्स, रोशनी या वाइब्रेशन के कारण।
तो निष्कर्ष यह है कि
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