इस्लाम के इतिहास में पहले इंसान और पैग़म्बर
इस्लामिक मान्यताओं और इतिहास के अनुसार, इस धरती पर आने वाले सबसे पहले इंसान हज़रत आदम (अलैहिस्सलाम) थे। उन्हें ही दुनिया का पहला मुसलमान और इस्लाम का पहला नबी (पैग़म्बर) माना जाता है। इस्लाम की बुनियादी सीख यह सिखाती है कि ईश्वर (अल्लाह) के प्रति खुद को समर्पित कर देना ही असल में 'मुसलमान' होना है, और इसी राह पर चलते हुए हज़रत आदम ने मानव सभ्यता की शुरुआत की थी।
बाइबल और अन्य धार्मिक ग्रंथों में भी हज़रत आदम का ज़िक्र मिलता है, जहाँ उन्हें 'एडम' के नाम से जाना जाता है। इस्लामिक दृष्टिकोण से, समय-समय पर इंसानियत को सही रास्ता दिखाने के लिए दुनिया में कई पैग़म्बर भेजे गए। इन सभी का संदेश एक ही था—ईश्वर की एकता और भलाई का रास्ता।
इस सिलसिले में, हज़रत मुहम्मद साहब को इस्लाम का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण पैग़म्बर माना जाता है, जिन्होंने इस संदेश को पूर्ण रूप दिया। सीधे शब्दों में कहें तो जहाँ हज़रत आदम से इस दुनिया और इस्लाम की शुरुआत हुई, वहीं हज़रत मुहम्मद साहब पर आकर यह धार्मिक सिलसिला पूरा हुआ।
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