दुनिया का सबसे पुराना जीवंत गांव: चेन्नई के पास बसा पात्तरई पेरमबुदूर
जब भी दुनिया की प्राचीन सभ्यताओं और बस्तियों की बात होती है, तो मिस्र या मेसोपोटामिया जैसे नाम जेहन में आते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में ही एक ऐसा गांव मौजूद है, जिसे दुनिया के सबसे पुराने गांवों में गिना जाता है? यह ऐतिहासिक जगह हमारे अपने देश में, तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई से महज 55 किलोमीटर दूर स्थित है।
इस अनूठे और ऐतिहासिक गांव का नाम “पात्तरई पेरमबुदूर” (Pattarai Perumbudur) है। तमिलनाडु के लोग इस धरोहर पर बेहद गर्व करते हैं। राज्य के पुरातत्व विभाग के अनुसार, इस गांव की खासियत यह है कि यहां करीब 30,000 वर्षों से लगातार मानव बस्तियां आबाद हैं। इतने लंबे समय तक बिना किसी रुकावट के इंसानों का यहां रहना इसे दुनिया भर में खास बनाता है।
पात्तरई पेरमबुदूर सिर्फ एक साधारण गांव नहीं, बल्कि इतिहास की एक ऐसी जीवंत किताब है जो पाषाण काल से लेकर आधुनिक युग तक की मानवीय यात्रा की गवाही देती है। पुरातत्वविदों को यहां खुदाई के दौरान प्राचीन काल के कई महत्वपूर्ण अवशेष और औजार मिले हैं, जो यह साबित करते हैं कि प्रागैतिहासिक काल में भी यहां एक विकसित जीवन शैली मौजूद थी। चेन्नई की भागदौड़ भरी जिंदगी से थोड़ी दूर स्थित यह गांव हमें अपनी जड़ों और प्राचीन इतिहास से जुड़ने का एक अनूठा अवसर देता है।
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