देवताओं का भोजन: क्या खाते हैं हमारे देवी-देवता?
अक्सर हमारे मन में यह जिज्ञासा उठती है कि जिन देवी-देवताओं की हम पूजा करते हैं, उनका भोजन क्या है? हिंदू धर्मग्रंथों और पुराणों के अनुसार, देवताओं का भोजन इंसानों की तरह भौतिक नहीं होता। वे मुख्य रूप से अमृत का सेवन करते हैं, जो उन्हें अमरता और दिव्य ऊर्जा प्रदान करता है।
जब हम देवी-देवताओं को फल, मिठाई, या छप्पन भोग अर्पित करते हैं, तो वे उसे भौतिक रूप में नहीं खाते। देवता हमारे द्वारा चढ़ाए गए भोजन को 'सुगंध' (गंध) और 'भाव' (श्रद्धा) के रूप में ग्रहण करते हैं। गीता में भी भगवान कृष्ण ने कहा है कि जो कोई भी उन्हें प्रेम से एक पत्ता, फूल, फल या जल भी अर्पित करता है, वे उसे सहर्ष स्वीकार करते हैं।
इसके अलावा, यज्ञ और हवन के दौरान अग्नि में जो 'आहुति' दी जाती है, वह मंत्रों के माध्यम से सीधे देवताओं तक पहुँचती है। अग्नि को देवताओं का मुख माना गया है, इसलिए हवन की सामग्री ही उनका मुख्य आहार बनती है। संक्षेप में कहें तो, देवताओं की भूख भोजन की नहीं, बल्कि भक्त के सच्चे प्रेम और भक्ति की होती है।
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