भारतीय करेंसी नोट कैसे बनते हैं?

क्या आप जानते हैं कि हमारे दैनिक जीवन में इस्तेमाल होने वाले करेंसी नोट साधारण कागज से नहीं बनाए जाते? यदि ये सामान्य कागज के होते, तो पानी में भीगते ही गल जाते या बहुत जल्दी फट जाते। वास्तव में, नोट बनाने के लिए कपास (कॉटन) के रेशों का प्रयोग किया जाता है।

कपास के रेशों में मुख्य रूप से लिनन नाम का एक मजबूत फाइबर पाया जाता है। इसी की मदद से नोटों का ढांचा तैयार होता है, जिससे वे बेहद लचीले और टिकाऊ बनते हैं। नोट बनाने की पूरी प्रक्रिया के दौरान कपास के इन रेशों के साथ गैटलिन और विशेष एडहेसिव सॉल्यूशन (चिपकने वाला घोल) भी मिलाया जाता है।

इन खास रसायनों और घोल के मिश्रण से नोटों की उम्र और मजबूती काफी बढ़ जाती है। यही वजह है कि नोट लंबे समय तक इस्तेमाल के बाद और पानी या नमी के संपर्क में आने पर भी आसानी से खराब नहीं होते। इसके बाद उन्नत सुरक्षा मानकों, वॉटरमार्क और खास स्याही के साथ इनकी छपाई की जाती है।

यह भी देखें

विस्तृत लेख

संबंधित विषय