पहला कलमा: तैय्यब का मतलब समझें

ला इलाहा इल्लल्लाह, मुहम्मदुर रसूलुल्लाह — यह है इस्लाम का सबसे पहला और सबसे महत्वपूर्ण कलमा, जिसे कलमा तैय्यब कहा जाता है। इसका अर्थ है: "कोई पूजा योग्य नहीं, सिवाय अल्लाह के, और मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) अल्लाह के रसूल हैं।" यह विश्वास की नींव है, जिसे बोलकर और दिल से मानकर कोई व्यक्ति इस्लाम में प्रवेश करता है।

इसे "पवित्र वचन" कहा गया है, क्योंकि यह दिल को साफ़ करता है और इंसान को सच्चे रास्ते पर लाता है। बच्चों को भी पहले से ही इस कलमे की शिक्षा दी जाती है ताकि वे अल्लाह के एक होने और नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के अनुसरण की शुरुआत छोटी उम्र में ही सीखें।

इसके बाद आता है कलमा शहादत, जो आधिकारिक रूप से विश्वास की घोषणा है। अन्य तीन कलमे — रिज़्वान, ग़ुफ़्रान, और इस्तग़फ़ार — अल्लाह की याद (अज़कार) हैं, जो उसकी पूजा, उसकी रज़ामंदी और क्षमा मांगने के महत

यह भी देखें

विस्तृत लेख

संबंधित विषय