पाकिस्तानी पासपोर्ट की वैश्विक रैंकिंग और उसकी स्थिति

दुनिया भर में यात्रा करने की आजादी और किसी देश की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा का अंदाजा उसके पासपोर्ट की ताकत से लगाया जाता है। वैश्विक सूचकांक की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान का पासपोर्ट दुनिया के सबसे कमजोर पासपोर्ट्स में से एक माना गया है। इस रैंकिंग में पाकिस्तान को 109वां स्थान प्राप्त हुआ है, जो इसकी अंतरराष्ट्रीय यात्रा सुगमता की बेहद कमजोर स्थिति को दर्शाता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी पासपोर्ट को दुनिया का चौथा सबसे कमजोर पासपोर्ट घोषित किया गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि इस पासपोर्ट के धारकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यात्रा करने के लिए भारी वीजा प्रतिबंधों का सामना करना पड़ता है। वर्तमान में, पाकिस्तानी पासपोर्ट धारक केवल 32 देशों में बिना पूर्व वीजा के यानी वीजा-मुक्त या वीजा-ऑन-अराइवल के जरिए यात्रा कर सकते हैं। यह संख्या वैश्विक मानकों के मुकाबले बेहद कम है और पाकिस्तानी नागरिकों के लिए अंतरराष्ट्रीय आवाजाही को काफी सीमित कर देती है।

अगर सूची में सबसे निचले पायदान पर मौजूद देशों से इसकी तुलना की जाए, तो पाकिस्तान की स्थिति दुनिया के केवल कुछ ही देशों से बेहतर है। पाकिस्तानी पासपोर्ट रैंकिंग के मामले में केवल सीरिया (30), इराक (29) और अफगानिस्तान (27) जैसे देशों से ही आगे है। वैश्विक स्तर पर अपनी साख सुधारने और अपने नागरिकों को अधिक यात्रा स्वतंत्रता देने के लिए पाकिस्तान को अपनी राजनयिक नीतियों, आंतरिक सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में बड़े सुधार करने की आवश्यकता है।

यह भी देखें

विस्तृत लेख

संबंधित विषय