3/4 को क्या कहते हैं? गणित की एक छोटी, पर महत्वपूर्ण बात
जब भी हम किसी चीज़ को बराबर भागों में बाँटते हैं, तो भिन्न का उपयोग करते हैं। आज जो हम 3/4 लिखते हैं, इसे बोलचाल में "तीन चौथाई" कहते हैं। यह इतना आम है कि हम इसे बिना सोचे बोल देते हैं – जैसे "आधा कप दूध" या "तीन चौथाई रास्ता तय कर लिया।"
लेकिन क्या आप जानते हैं कि भिन्नों का ज्ञान भारत में हजारों साल पुराना है? ऋग्वेद में ही 'अर्ध' (1/2) और 'त्रिपाद' (3/4) जैसे शब्द मिलते हैं। यह दिखाता है कि प्राचीन भारतीय गणित में कितनी गहराई थी।
भिन्न को लिखने का आधुनिक तरीका – जैसे ऊपर संख्या, नीचे संख्या, एक रेखा के साथ – यह सब भारत की देन है। गणितज्ञ ब्रह्मगुप्त (628 ईस्वी) और फिर बाद में भास्कराचार्य (1150 ईस्वी) ने भिन्नों को 3/4 के रूप में लिखा और उनके नियमों को स्पष्ट किया।
तो अगली बार जब आप "तीन चौथाई" सुनें या लिखें, तो याद रखें – यह सिर्फ एक भिन्न नहीं,
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