भारत के मोस्ट वांटेड गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम का काला सच

भारत में जब भी संगठित अपराध और अंडरवर्ल्ड की बात होती है, तो सबसे पहला नाम दाऊद इब्राहिम का आता है। दशकों से वह भारत का सबसे चर्चित और मोस्ट वांटेड गैंगस्टर बना हुआ है। 1993 के मुंबई बम धमाकों का मुख्य साजिशकर्ता दाऊद भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों और वैश्विक सुरक्षा निकायों की वांछित सूची में शीर्ष पर है।

मुंबई की गलियों में छोटे-मोटे अपराधों से शुरुआत करने वाले दाऊद ने धीरे-धीरे डी-कंपनी नाम का एक अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क खड़ा कर लिया। इसका आपराधिक साम्राज्य नशीले पदार्थों की तस्करी, जबरन वसूली, सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे अवैध कामों से फैला हुआ है। डी-कंपनी के तार दुनिया के कई देशों से जुड़े बताए जाते हैं।

हालिया रिपोर्टों और खुफिया जानकारी के अनुसार, दाऊद इब्राहिम पिछले लंबे समय से पाकिस्तान के कराची शहर में शरण लिए हुए है। हालांकि पाकिस्तान आधिकारिक तौर पर इसकी मौजूदगी से इनकार करता रहा है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट और सुरक्षा एजेंसियों के सबूत बार-बार यह साबित करते हैं कि वह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के संरक्षण में सुरक्षित बैठा है।

भारतीय सुरक्षा एजेंसियां और इंटरपोल उसे कानून के कटघरे में लाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। दाऊद पर संयुक्त राष्ट्र द्वारा वैश्विक आतंकवादी का ठप्पा भी लगाया जा चुका है, जो इस बात का प्रमाण है कि उसका आपराधिक नेटवर्क केवल भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक शांति के लिए भी एक बड़ा खतरा है।

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