गर्भधारण कैसे होती है?

गर्भधारण एक प्राकृतिक और जटिल प्रक्रिया है, जो तब शुरू होती है जब कोई पुरुष और स्त्री यौन संबंध बनाते हैं। इस दौरान, पुरुष के लिंग से स्पर्म (शुक्राणु) योनि में छोड़ दिए जाते हैं।

ये स्पर्म योनि से होकर गर्भाशय के माध्यम से फैलोपियन ट्यूब (अंडवाहिनी नलिका) तक पहुंचते हैं। अगर उस समय महिला के अंडाशय से एक परिपक्व अंडा (एग) निकल रहा होता है, तो स्पर्म उस अंडे को मिल सकता है।

जब स्पर्म और अंडा एक दूसरे से मिलते हैं, तो फर्टिलाइजेशन (निषेचन) होता है।

इसके बाद निषेचित अंडा गर्भाशय तक जाता है और वहां की दीवार में जड़ बना लेता है। इस प्रक्रिया के बाद गर्भावस्था शुरू हो जाती है।

गर्भधारण तभी होती है जब संबंध मासिक धर्म चक्र के उस समय के दौरान होते हैं, जब महिला उर्वरा अवस्था में होती है। हालांकि, हर संबंध के बाद गर्भ नहीं ठहरता, लेकिन गर्भधारण की संभावना हमेशा रहती है अगर सुरक्षा का उचित ध्यान न रखा जाए।

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