प्रेम विवाह के लिए कौन से ग्रह उत्तरदायी होते हैं?
प्रेम विवाह की संभावना ज्योतिष में कई ग्रहों और उनकी युतियों पर निर्भर करती है। अगर आपकी कुंडली में राहू या केतु की दृष्टि शुक्र या सप्तमेश पर पड़ रही है, तो प्रेम-विवाह की संभावना मजबूत हो जाती है। राहू और केतु ऐसे ग्रह हैं जो पारंपरिक नियमों को तोड़कर नई दिशा में ले जाते हैं, इसलिए वे अक्सर वैवाहिक जीवन में अप्रत्याशित चुनावों को दर्शाते हैं।
एक और महत्वपूर्ण संयोग तब बनता है जब पंचम भाव के स्वामी के साथ-साथ उसी भाव में चंद्रमा या मंगल भी विराजमान हों। पंचम भाव प्रेम, रोमांस और आकर्षण का सूचक होता है, और इसमें चंद्रमा का होना भावनात्मक गहराई को दर्शाता है, जबकि मंगल उत्साह और तीव्र इच्छाओं के लिए जिम्मेदार होता है। ऐसे योग अक्सर प्रेम विवाह की ओर ले जाते हैं।
हालांकि, यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि केवल एक योग के आधार पर निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए। कुंडली के अन्य तत्व जैस
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