बच्चे हर चीज मुंह में क्यों डालते हैं?

छोटे बच्चों का दुनिया को देखने और समझने का तरीका बड़ों से काफी अलग होता है। जब बच्चे घुटनों के बल चलना या चीजों को पकड़ना सीखते हैं, तो वे अपने आस-पास की हर वस्तु के प्रति आकर्षित होते हैं। अक्सर माता-पिता इस बात से परेशान रहते हैं कि उनका बच्चा हर छोटी-बड़ी चीज को उठाकर सीधे अपने मुंह में डाल लेता है। दरअसल, बच्चों की इस आदत के पीछे एक बेहद स्वाभाविक और वैज्ञानिक कारण है, जिसे बाल विकास की भाषा में ओरल एक्सप्लोरेशन (Oral Exploration) कहा जाता है।

शुरुआती महीनों में बच्चों के हाथ और उंगलियां इतनी विकसित नहीं होती हैं कि वे सिर्फ छूकर किसी चीज को पूरी तरह समझ सकें। इसके विपरीत, उनके मुंह और जीभ के आस-पास की तंत्रिकाएं (nerve endings) बहुत अधिक संवेदनशील होती हैं। इसलिए, जब बच्चा किसी खिलौने या वस्तु को मुंह में डालता है, तो वह असल में खेल नहीं रहा होता, बल्कि उस चीज के शेप, टेक्सचर, मटेरियल, स्वाद और तापमान को जानने का प्रयास कर रहा होता है। यह उनके दिमागी विकास और सीखने की प्रक्रिया का एक बेहद अहम हिस्सा है।

इसके अलावा, जब बच्चों के दांत निकलने वाले होते हैं (Teething phase), तब मसूड़ों में होने वाली खुजली और दर्द से राहत पाने के लिए भी वे चीजों को चबाना पसंद करते हैं। माता-पिता को इस चरण में घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि सतर्क रहने की आवश्यकता है। बच्चों के आस-पास की जगहों को साफ रखें, छोटे और नुकीले खिलौने उनसे दूर रखें और उन्हें सुरक्षित, साफ-सुथरे टीदर्स (Teethers) दें ताकि उनका यह प्राकृतिक विकास बिना किसी खतरे के आसानी से पूरा हो सके।

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