बस की यात्रा: खराबी का सिलसिला

बस कहाँ खराब हो गई? यह सवाल सिर्फ एक स्थान नहीं, बल्कि कई मुश्किलों की शुरुआत बताता है। सबसे पहले, बस तब खराब हुई जब पेट्रोल की टंकी में छेद हो गया। पेट्रोल लगातार बह रहा था और इंजन तक ईंधन पहुंचना बंद हो गया। ड्राइवर ने हौसला नहीं हारा और एक बाल्टी में पेट्रोल भरकर सीधे इंजन में डालना शुरू कर दिया। इस तरह कोई-कोई तरीके से बस फिर चल पड़ी।

लेकिन यहीं नहीं खत्म हुआ। कुछ दूर जाने के बाद बस फिर खराब हो गई। इस बार वजह थी इंजन के अंदर की खराबी। मैकेनिक ने इंजन खोला, जरूरी मरम्मत की, और किसी तरह बस को फिर चलायमान कर दिया।

लगभग सुरक्षित समझे जा रहे सफर में अगला झटका तब लगा जब बस एक पुलिया पर पहुंची। वहां अचानक बस का एक टायर पंचर हो गया। ऐसे में यात्रियों को न सिर्फ देर हुई, बल्कि यात्रा के दौरान अनुभव की गई बेचैनी भी कम नहीं थी।

यह कहानी सिर्फ एक बस की नहीं, बल्कि कई छोटी ग्रामीण सड़कों पर दौड़ने वाले वाह

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