एक अनजानी राह और एक खूबसूरत मोती

आकाश में घने काले बादलों का डेरा था। तभी एक नन्ही बूँद बादलों की गोद से छिटककर नीचे गिर पड़ी। अपने सुरक्षित घर को छोड़ते ही उसके मन में डर और अनगिनत सवाल कौंधने लगे। वह सोचने लगी कि आखिर वह क्यों अपने घर से बाहर निकली? क्या आगे जाकर उसका अस्तित्व खत्म हो जाएगा, या कोई अनहोनी उसका इंतजार कर रही है?

अक्सर जीवन में जब हम अपनी पहचानी और आरामदायक दुनिया से बाहर कदम रखते हैं, तो मन में ऐसा ही डर समा जाता है। वह बूँद भी हवा के थपेड़ों से डरती हुई अपने भाग्य को लेकर चिंतित थी। तभी अचानक समुद्र की ओर से एक तेज हवा का झोंका आया। हवा के उस बहाव ने बूँद का रुख बदल दिया और उसे सीधा समुद्र की लहरों के बीच पहुँचा दिया।

समुद्र की गहराई में एक सुंदर सीप का मुँह खुला हुआ था। हवा के झोंके से बहती हुई वह बूँद सीधे उस सीप के मुँह में जा गिरी। जिसे वह अपना अंत समझ रही थी, वही उसके जीवन की सबसे सुंदर शुरुआत बन गई। सीप के भीतर जाकर वही नन्ही बूँद एक मूल्यवान और चमकदार मोती बन गई।

यह छोटी सी कहानी हमें सिखाती है कि जीवन में आने वाले अचानक बदलावों से घबराना नहीं चाहिए। कई बार घर या सहज माहौल से बाहर निकलना हमें मुश्किल लग सकता है, लेकिन वही अनजान राहें हमें एक नया और अनमोल रूप दे सकती हैं।

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