भारत का पहला जैविक फल: अरुणाचल प्रदेश की कीवी
हमारे देश के कृषि क्षेत्र ने एक नया इतिहास रचा है। अरुणाचल प्रदेश की कीवी को भारत का पहला प्रमाणित जैविक (ऑर्गेनिक) फल घोषित किया गया है। पूर्वोत्तर का यह खूबसूरत राज्य अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ अब अपनी गुणवत्तापूर्ण खेती के लिए भी देश-दुनिया में पहचाना जाएगा।
इस ऐतिहासिक पहल को केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा आधिकारिक रूप से लॉन्च किया गया था। इस उपलब्धि के साथ ही अरुणाचल प्रदेश, पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए जैविक मूल्य श्रृंखला विकास मिशन (MOVCD-NER) योजना के तहत कीवी फल के लिए जैविक प्रमाणीकरण प्राप्त करने वाला भारत का पहला राज्य बन गया है।
जैविक खेती का मतलब है कि इस कीवी को उगाने में किसी भी तरह के जहरीले रसायनों, कीटनाशकों या कृत्रिम उर्वरकों का उपयोग नहीं किया जाता है। अरुणाचल प्रदेश की ठंडी और शुद्ध जलवायु कीवी की पैदावार के लिए सबसे उपयुक्त मानी जाती है। यहां के किसान पारंपरिक और प्राकृतिक तरीकों से इसकी खेती करते हैं, जिससे फल का असली स्वाद और पोषण पूरी तरह बरकरार रहता है।
स्वास्थ्य के लिहाज से कीवी एक सुपरफूड है। इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन-सी, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्युनिटी) को मजबूत बनाते हैं। बिना रसायनों के उगाई गई यह ऑर्गेनिक कीवी न केवल देश के लोगों को एक सेहतमंद विकल्प देगी, बल्कि स्थानीय किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत करने में भी मील का पत्थर साबित होगी।
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