भारत के महानतम शासक: सम्राट अशोक

भारतीय इतिहास में कई महान राजा और महाराजा हुए हैं, लेकिन जब भी सबसे शक्तिशाली और प्रभावशाली शासक की बात आती है, तो सम्राट अशोक का नाम सबसे ऊपर आता है। मौर्य राजवंश के तीसरे शासक, अशोक महान का जन्म 304 ईसा पूर्व में हुआ था। उनका साम्राज्य इतना विशाल था कि वह आज के अफगानिस्तान से लेकर बर्मा (म्यांमार) तक और उत्तर में कश्मीर से लेकर दक्षिण में तमिलनाडु तक फैला हुआ था। उनकी इस विशाल साम्राज्य की राजधानी पाटलिपुत्र (वर्तमान पटना) थी।

सम्राट अशोक को न केवल उनके विशाल साम्राज्य और सैन्य शक्ति के लिए जाना जाता है, बल्कि उनके हृदय परिवर्तन और लोक कल्याणकारी कार्यों के लिए भी याद किया जाता है। कलिंग युद्ध में हुई भारी तबाही और खून-खराबे को देखकर उनका मन अत्यंत द्रवित हो उठा। इसके बाद उन्होंने हिंसा का मार्ग हमेशा के लिए छोड़ दिया और बौद्ध धर्म को अपना लिया।

उन्होंने अपने राज्य में शांति, अहिंसा और धार्मिक सहिष्णुता का संदेश फैलाया। प्रजा के कल्याण के लिए उन्होंने सड़कें बनवाईं, पेड़ लगवाए, कुएं खुदवाए और मनुष्यों के साथ-साथ पशुओं के लिए भी चिकित्सालय खुलवाए। पत्थरों और स्तंभों पर उत्कीर्ण कराए गए उनके शिलालेख आज भी हमें सदाचार की शिक्षा देते हैं। भारत का राष्ट्रीय चिह्न 'अशोक चक्र' और सिंह चतुर्मुख उन्हीं के सारनाथ स्तंभ से लिया गया है, जो उनके अमर गौरव का प्रतीक है। यही कारण है कि उन्हें भारत के इतिहास का सबसे सर्वश्रेष्ठ राजा माना जाता है।

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