भारत का इतिहास: गुलामी का दौर और आजादी

भारत की आजादी की कहानी त्याग, संघर्ष और बलिदान से भरी हुई है। अक्सर लोग यह सवाल पूछते हैं कि भारत कितने समय तक पराधीन रहा। देखा जाए तो भारत ने लगभग 200 वर्षों तक अंग्रेजों की गुलामी का सामना किया। ईस्ट इंडिया कंपनी के आगमन से लेकर ब्रिटिश हुकूमत के अंत तक, अंग्रेजों ने भारत पर अपना शिकंजा कसे रखा और देश के सामाजिक व आर्थिक ताने-बाने को गहरा नुकसान पहुंचाया।

इस 200 साल के शासनकाल के दौरान ब्रिटिश हुकूमत ने भारत के संसाधनों का जमकर शोषण किया। भारत, जिसे कभी "सोने की चिड़िया" कहा जाता था, उसकी संपत्ति और संसाधनों को विदेशों में भेजा गया। उद्योगों को नष्ट कर दिया गया और देश की संपदा को अरबों रुपये का नुकसान पहुंचा। इसके बावजूद, भारत की संस्कृति और यहाँ के लोगों का स्वाभिमान कभी खत्म नहीं हुआ।

देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों के कड़े संघर्ष और बलिदान के बल पर भारत को 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली। आज भारत को स्वतंत्र हुए 70 साल से भी अधिक का समय हो चुका है। गुलामी के इस लंबे और कठिन दौर को पीछे छोड़कर भारत आज दुनिया के पटल पर एक मजबूत, समृद्ध और आत्मनिर्भर लोकतंत्र के रूप में आगे बढ़ रहा है।

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