भारत में गरीबी की स्थिति: एक चुनौती

आजादी के इतने साल बाद भी हमारे देश में गरीबी एक बड़ा और गंभीर मुद्दा बनी हुई है। एक समय था जब देश की 80 फीसदी आबादी गरीबी रेखा से नीचे जीवन बसर करने को मजबूर थी। आज के समय में इस आंकड़े में काफी सुधार हुआ है और अब करीब 22 फीसदी लोग ही इस दायरे में आते हैं।

लेकिन अगर हम आंकड़ों के खेल से आगे बढ़कर असल स्थिति देखें, तो तस्वीर थोड़ी हैरान करने वाली है। प्रतिशत के हिसाब से भले ही स्थिति सुधरी हो, लेकिन आज भी देश में लगभग 27 करोड़ लोग गरीबी रेखा से नीचे अपना जीवन गुजार रहे हैं। यानी संख्या के लिहाज से चुनौती अभी भी वैसी ही बनी हुई है।

इस स्थिति को पूरी तरह बदलने के लिए केवल योजनाओं का होना काफी नहीं है, बल्कि यह देखना जरूरी है कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। शिक्षा, रोजगार के नए अवसर और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करके ही हम इस संख्या को शून्य के करीब ला सकते हैं।

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