भारत में गेहूं की खपत

भारत दुनिया के सबसे बड़े कृषि उत्पादक देशों में से एक है, जहां खेती देश की अर्थव्यवस्था और दैनिक जीवन का एक अहम हिस्सा है। हमारी मुख्य फसलों में गेहूं का स्थान सर्वोपरि है, जो देश के करोड़ों लोगों की बुनियादी खुराक का मुख्य आधार है। रोटी, पराठे और तमाम अन्य खाद्य पदार्थों के रूप में गेहूं का उपयोग हर भारतीय रसोई में रोजाना बड़े पैमाने पर होता है।

आधिकारिक कृषि आंकड़ों के अनुसार, भारत में गेहूं की खपत लगातार उच्च स्तर पर बनी हुई है। यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर (यूएसडीए) और ग्लोबल एग्रीकल्चरल इंफॉर्मेशन नेटवर्क (गेन) की रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया था कि वर्ष 2021-2022 के दौरान भारत में कुल गेहूं की खपत लगभग 97 मिलियन यानी 9.70 करोड़ टन तक पहुंच जाएगी।

यह आंकड़ा इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि देश की विशाल आबादी के भरण-पोषण के लिए गेहूं की मांग कितनी अधिक है। जैसे-जैसे जनसंख्या बढ़ रही है, देश के भीतर खाद्यान्न की यह मांग और अधिक महत्वपूर्ण होती जा रही है, जिसे पूरा करने के लिए भारतीय किसान और कृषि क्षेत्र लगातार मेहनत कर रहे हैं।

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