भारत में जैविक खेती की शुरुआत और इसका विस्तार

भारत में पारंपरिक रूप से सदियों से प्राकृतिक खेती की जाती रही है, लेकिन आधुनिक और व्यवस्थित रूप से जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए 2000 के दशक की शुरुआत में विशेष सरकारी योजनाएं शुरू की गईं। रसायन मुक्त और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के लिए इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया गया।

इस पहल के प्रथम वर्ष में कुल 313 गांवों को चुनकर जैविक खेती की शुरुआत की गई थी। इसके बाद 2002-03 के द्वितीय वर्ष में योजना का विस्तार करते हुए प्रत्येक जिले के प्रत्येक विकासखंड से दो-दो गांवों को शामिल किया गया।

वर्ष 2003-04 तक यह दायरा बढ़कर 1,565 गांवों तक पहुंच गया। योजना की सफलता और किसानों की बढ़ती रुचि को देखते हुए वर्ष 2006-07 में इसका पुनः विस्तार किया गया, जिसमें प्रत्येक विकासखंड से 5-5 गांवों का चयन करके जैविक खेती के मॉडल को व्यापक रूप से लागू किया गया।

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