बेकिंग सोडा से बच्चे का लिंग पता करना: क्या यह विश्वसनीय है?

गर्भावस्था में बच्चे का लिंग जानने की उत्सुकता हर माँ को होती है। इसी बहाने कई घरेलू तरीकों की चर्चा होती है, जिनमें से एक है बेकिंग सोडा लिंग परीक्षण। इस विधि में गर्भवती महिला के मूत्र में बेकिंग सोडा मिलाया जाता है। अगर मिश्रण में झाग या फफूंद (फुफकार) बनती है, तो कहा जाता है कि बच्चा लड़का है। अगर कोई प्रतिक्रिया नहीं होती, तो बच्ची लड़की होगी।

यह तरीका सोशल मीडिया और पारंपरिक चर्चाओं में काफी प्रसिद्ध है, लेकिन चिकित्सा वैज्ञानिकों के अनुसार, इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। मूत्र की pH और बेकिंग सोडा की रासायनिक प्रतिक्रिया लिंग से नहीं, बल्कि आहार, जलयोष्ठता और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करती है।

डॉक्टर अल्ट्रासाउंड, एमआरआई या रक्त परीक्षण जैसे विश्वसनीय तरीकों की सलाह देते हैं। बेकिंग सोडा टेस्ट तो बस एक मनोरंजन हो सकता है, निश्चित जानकारी का नहीं।

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