प्रसव से पहले गर्भाशय ग्रीवा (बचेदानी का मुंह) का खुलना: क्या जानना जरूरी है?
गर्भावस्था के आखिरी हफ्तों में एक गर्भवती महिला के शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं। इनमें से एक सबसे महत्वपूर्ण बदलाव है बचेदानी के मुंह (सर्विक्स) का खुलना और पतला होना। अक्सर महिलाओं के मन में यह सवाल उठता है कि डिलीवरी से कितने दिन पहले यह प्रक्रिया शुरू होती है।
आमतौर पर, गर्भावस्था के नौवें महीने से पहले बचेदानी का मुंह पूरी तरह बंद और लगभग 4 सेंटीमीटर लंबा होता है। लेकिन जैसे ही नौवां महीना शुरू होता है और डिलीवरी का समय नजदीक आता है, सर्विक्स का आकार छोटा और पतला होने लगता है। इस प्रक्रिया को डॉक्टरों की भाषा में 'इफेसमेंट' (Effacement) कहा जाता है। इस दौरान सर्विक्स अपनी स्थिति बदलकर पोस्टीरियर से एंटीरियर पोजीशन में आ जाता है।
जहां तक बचेदानी का मुंह पूरी तरह खुलने (डाइलेशन) का सवाल है, तो यह हर महिला के शरीर पर निर्भर करता है। कुछ महिलाओं में डिलीवरी से कुछ दिन पहले या एक-दो हफ्ते पहले ही मुंह 1 से 2 सेंटीमीटर तक खुल जाता है। वहीं, कुछ महिलाओं में यह प्रक्रिया सीधे लेबर पेन (प्रसव पीड़ा) शुरू होने के बाद ही तेजी से होती है।
सक्रिय प्रसव (Active Labor) के दौरान, बच्चे के जन्म के लिए बचेदानी का मुंह 10 सेंटीमीटर तक खुलना जरूरी होता है। यदि आपको नौवें महीने में पेट के निचले हिस्से में भारीपन, म्यूकस प्लग का निकलना या हल्का दर्द महसूस हो, तो यह संकेत है कि आपका शरीर प्रसव के लिए तैयार हो रहा है। ऐसी स्थिति में नियमित रूप से अपने डॉक्टर के संपर्क में रहना चाहिए।
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